



सिद्धार्थनगर, 18 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आज सिद्धार्थनगर में भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्देश्य भारत और नेपाल के मध्य सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है।
आज महोत्सव के प्रथम दिवस की प्रस्तुतियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं, जबकि द्वितीय दिवस के कार्यक्रम कल और अधिक भव्य रूप में आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सांसद डुमरियागंज के प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने महोत्सव की सराहना करते हुए भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता एवं सांस्कृतिक एकता पर प्रकाश डाला।
[news_related_post]महोत्सव का शुभारंभ आकर्षक शोभायात्रा से हुआ, जिसमें फारूवाही लोक नृत्य एवं बधावा लोक नृत्य के कलाकारों के साथ स्काउट एंड गाइड के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा ने दोनों देशों की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक लोककलाओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में भारतीय एवं नेपाली कलाकारों द्वारा लोकगायन, शास्त्रीय गायन, सूफी गायन एवं लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से विशाल श्रीवास्तव द्वारा “हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए” जैसे राष्ट्रगीतों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति का उत्साह भर दिया।
अपने संबोधन में एस.पी. अग्रवाल ने कहा कि यह महोत्सव भारत और नेपाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान बुद्ध का जन्म स्थान नेपाल में है, जबकि भारत उनकी 29 वर्षों की प्रेरणा स्थली रहा है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती मिली है। भारत-नेपाल का संबंध रोटी-बेटी का पवित्र रिश्ता है, जिसे और प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कलाकार एवं पर्यटक उपस्थित रहे।
द्वितीय दिवस (19 फरवरी) के विशेष कार्यक्रम
महोत्सव का द्वितीय दिवस 19 फरवरी को विविध सांस्कृतिक रंगों से सुसज्जित रहेगा। इस दिन विभिन्न राज्यों एवं जनपदों के कलाकारों द्वारा —
- पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ
- अवधी एवं लोक गायन
- नुक्कड़ नाटक
- सांस्कृतिक समूह गायन
- भारत-नेपाल मैत्री पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ
आयोजित की जाएंगी।
मध्यप्रदेश, लखनऊ, सीतापुर, प्रयागराज, संत कबीर नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
द्वितीय दिवस का कार्यक्रम भारत-नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत और मैत्री संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।